Thursday, February 23, 2012

...जिन्दगी बेशकीमती तोहफा है


...जिन्दगी बेशकीमती तोहफा है
 जिन्दगी मे उतार-चढाव लगभग हर किसी ने देखे होते है यह अलग बात है कि कुछ ही लोग ऐसे होते है
 जो जिन्दगी को लेकर ' ऐसा करे, वैसा न करे' से संबंधित नियम बना पाते है इसी तरह कुछ लोग जीवन
कया है' कि आस्था के साथ जिन्दगी जीते है इसके लिये कुछ कारण है जिनसे हम सहमत हो सकते है या अपनी असहमति जता सकते है ऐसे मे जो बाते हमे उपयुकत लगती है उन्हे अपनाने मे कोई हर्ज नही है 
ऐसी ही कुछ बातो मे से यदि हम दस को भी आत्मसात कर लेते है तो यकीन मानिए हमारी जिन्दगी मे व्यापक पैमाने पर बदलाव आ सकता है

¤   जीवन सरल - सुगम नही है लेकिन इसके बावजूद अच्छा है
¤   जब भी दुविधा हो तो एक छोटे कदम उठाएं
¤   जिन्दगी बहुत छोटी है किसी से नफरत कर समय बर्बाद करने का समय उसके पास नही है
¤   आप जब बिमार होगे तो आपका काम आपकी देखभाल नही करेगा इसके बजाय आपके मित्र
     और आपके  अभिभावक आपके साथ होगे अत: उनके संपर्क मे रहिए
¤   जरुरी नही है कि आप प्रत्येक तर्क -वितर्क जीत ही हासिल करे इससे असहमत होने के लिये
      भी सहमत रहे
¤   दुसरो के साथ रोये अकेले रोने से यह कहीँ ज्यादा कारगर है
¤   भगवान से नाराज होना अच्छा है वह इसे भी ग्रहण कर लेगा
¤   अपने भूतकाल के साथ शांति बनाकर चले इसके बाद वह आपके वर्तमान मे उथल- पुथल नही
      मचा सकेगा
¤   अपने बच्चो के सामने रोने मे कोई बुराई नही है
¤   दुसरो के साथ अपनी जिन्दगी की तुलना मत करे आपको नही मालुम है कि वह किस तरह का
     सफर तय करके यहां तक पहुंचे है
¤   अगर किसी संबध को गुप्त रखना है तो उसमे न पडना ही बेहतर है
¤  पलक झपकते ही दुनिया बदल सकती है लेकिन चिंता की बात नही है कयोकि ईशवर पलक नही
     झपकाता
¤   गहरी सांस ले इससे दिल- ओ -दिमाग को शांति मिलती है
¤   निरर्थक या दुख देने वाली प्रत्येक चीज से छुटकारा पा ले
¤   जो स्थिति आपको मार न सके वह वास्तव मे आपको और मजबुत ही बनाती है
¤  खुशहाल बचपन देने के लिये कभी कोई समय नही बीतता इस क्रम मे दुसरा मौका आपके ही
     हाथ मे है किसी और के बचपन को सुधारे
¤   बात जब जिन्दगी मे अपने प्यार या पसंद की आये तो उससे मुंह न मोडेँ
¤   हर दिन खास होता है अत: किसी खास दिन का इंतजार न करे अपने प्रियजनो के साथ हर दिन
     खास दिन की तरह मनायें
¤   समय के बहाव के साथ बहे
¤   मौजमस्ती के लिये कल का इंतजार न करे
¤  दिमाग से बेहतर अच्छा मित्र और शत्रु कोई नही इसलिये फैसला स्वयं करे कि चाहिये कया
¤   आपकी खुशहाली और दुख के लिये आपके अलावा और कोई जिम्मेवार नही
¤   जिन्दगी मे पेश आने वाली तथाकथित मुश्किल या समस्या के आलोक मे स्वयं से पुछें कया
     पांच वर्षो के बाद इसका कया प्रभाव रहेगा
¤   हमेशा जिन्दगी का चुनाव करे
¤   सभी की सभी बाते माफ कर दे
¤   दुसरे लोग आपके बारे मे कया सोचते है यह सोचना आपका काम नही है
¤   समय सारे घाव भर देता है अत: समय को कुछ समय दे
¤  याद रखे स्थिति जितनी अच्छी हो बुरी वह हमेशा एक समान नही रहेगी
¤   स्वयं को बेहद गंभीरता से मत ले कयोकि कोई दुसरा भी आपको नही लेता
¤   चमत्कार मे यकीन करे
¤  जिन्दगी का आँडिट मत करे
¤   आपके बच्चो को सिर्फ एक बचपन ही मिला है
¤   अंत मे यही महत्व रखता है कि आपको कितने लोग प्रेम करते है
¤   हर रोज बाहर निकले ढेर सारे चमत्कार प्रतिश्रा मे है
¤   अभी सर्वश्रेट आना बाकी है
¤  जिन्दगी को बांधा नही जा सकता वह तो एक बेशकिमती तोहफा हॅ
            एन रघुरामन                                                                                                                                   
            Raghu@bhaskarnet.com                                                               
फंडा यह है कि....
आप जब जिन्दगी के बारे मे सोचते है तो यह जरुर विचार करे कि अभी जिन्दगी का सर्वश्रेष्ठ
तो सामने आना बाकी है जिन्दगी को सार्थक बनाना आपके हाथो मे है तय बस यह करना है
 कि किस तरह जिन्दगी जीनी है

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